बारेली में सवाल, खेत में हिसाब: साकड़ की पाठशाला
आधारशिला के पुराने विवरणों में घर की भाषा, बारिश की माप और खेत का काम एक ही पढ़ाई के हिस्से थे।
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आधारशिला के पुराने विवरणों में घर की भाषा, बारिश की माप और खेत का काम एक ही पढ़ाई के हिस्से थे।
नई दिल्ली के छठे लाइनमैन दिवस में लगभग 250 लाइनकर्मियों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। रखरखाव के दौरान सुरक्षा और प्रशिक्षण पर जोर रहा।
बावड़िया कलाँ की अक्षय पात्र रसोई में बड़ी देगों और रोटी बनाने की मशीनों से भोजन तैयार होता है। फिर उसे स्कूलों तक पहुँचाने का काम शुरू होता है।
17 सितंबर 2026, 21:59। सेवा संकल्प का देवास शुभारंभ, पुलिस परेड ग्राउंड। शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’: 25 हजार से अधिक दीप। उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा। शीर्षक 250 ड्रोन और 20 से अधिक आकृतियाँ कहता है; बॉडी में ड्रोन शो है, वे दो संख्याएँ नहीं। आकृतियों के विषय: देवी माता, बाबा महाकाल, भारत का नक्शा, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मध्यप्रदेश का नक्शा, विकास गाथा। स्वामित्व पर निःशुल्क रजिस्ट्री “की जाएगी”—भविष्य। चित्र उसी रात का फ्रेम है, हर दीप नहीं।
12 अगस्त 2026 को उच्च शिक्षा विभाग ने शासकीय-निजी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ चलाने के निर्देश दिए। पौधे Meri LiFE पोर्टल पर दर्ज हों, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था हो, पुराने पौधे भी बचें। परिपत्र इरादे का है। कितने परिसरों ने उस सप्ताह गड्ढा खोदा, यह सूची नहीं है।
चार्ल्स कोरिया की वास्तु योजना में भोपाल की ढलान ही भवन का क्रम बनती है। भीतर के सभागार, खुला मंच और संगीत का संग्रह एक परिसर में मिलते हैं।
11 सितंबर 2026, 18:02। गोविंदपुरा विधानसभा, वार्ड 68, अयोध्या नगर। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर। लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत अवसंरचना का भूमि-पूजन—बिछी सड़क नहीं। सूची: जी सेक्टर सीसी सड़क 34 लाख; एल सेक्टर 42 लाख; के सेक्टर रोटरी से इसरो नाले तक आरसीसी नाली 33 लाख; द होम्स से अभिनव होम्स फेस-4 तक नाली 9 लाख; वर्धमान ग्रीन सीसी सड़क 11 लाख; संतोषी बिहार सड़क-नाली-पेविंग-कम्युनिटी हॉल छत 14 लाख। वाक्य: जलभराव से स्थायी मुक्ति मिलेगी—भविष्य। चित्र भूमि-पूजन का फ्रेम है, पूरी गली नहीं।
जबलपुर के पडरिया गांव में 40 किसानों ने पोषण-बाड़ी लगाना और घर में कंपोस्ट बनाना सीखा। इनमें 32 महिलाएं थीं।